जिला आबकारी अधिकारी के पद पर अनुभवी कार्यकुशल रवि शंकर की तैनाती स्मरणीय रहेगा उदय प्रकाश और राकेश बहादुर सिंह का कार्यकाल
जिला आबकारी अधिकारी के पद पर अनुभवी कार्यकुशल रवि शंकर की तैनाती स्मरणीय रहेगा उदय प्रकाश और राकेश बहादुर सिंह का कार्यकाल
मुजफ्फरनगर जनपद में जिला आबकारी अधिकारी का पद सदैव से अत्यंत महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण माना जाता रहा है। यह ऐसा दायित्व है जहां एक ओर सरकार के राजस्व हितों की रक्षा करनी होती है तो दूसरी ओर अवैध शराब कारोबार, तस्करी, माफियातंत्र और कानून व्यवस्था से जुड़े जटिल विषयों से भी प्रभावी ढंग से निपटना पड़ता है। इस महत्वपूर्ण जनपद में समय-समय पर कई अधिकारियों ने अपनी कार्यशैली, ईमानदारी और प्रशासनिक दक्षता के बल पर उल्लेखनीय पहचान बनाई है। पूर्व जिला आबकारी अधिकारी उदय प्रकाश का कार्यकाल अपनी कार्यकुशलता और सकारात्मक परिणामों के लिए याद किया जाता है, जबकि राकेश बहादुर सिंह ने भी अपने दृढ़ संकल्प, राजस्व वृद्धि और विभागीय व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के प्रयासों से अलग पहचान स्थापित की। उनके कार्यकाल में सरकार को बेहतर राजस्व लाभ प्राप्त हुआ तथा विभाग की कार्यप्रणाली को नई दिशा मिली।
इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी अब नए जिला आबकारी अधिकारी रवि शंकर के कंधों पर आई है। उनकी नियुक्ति केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एक ऐसे अधिकारी पर व्यक्त किया गया विश्वास है, जिसने अपने पूर्ववर्ती कार्यकालों में अपनी योग्यता, निष्ठा और नेतृत्व क्षमता का प्रभावी परिचय दिया है। सहारनपुर, हरदोई और लखनऊ जैसे महत्वपूर्ण जनपदों एवं क्षेत्रों में सेवाएं देते हुए उन्होंने यह सिद्ध किया है कि कठिन परिस्थितियों से जूझना, चुनौतियों को अवसर में बदलना और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी प्रहार करना उनकी कार्यशैली का अभिन्न हिस्सा है।
रवि शंकर उन अधिकारियों में गिने जाते हैं जो केवल कार्यालयों तक सीमित रहकर कार्य करने में विश्वास नहीं रखते, बल्कि जमीनी स्तर पर उतरकर वास्तविक परिस्थितियों को समझने और समाधान खोजने की क्षमता रखते हैं। यही कारण है कि विभागीय अधिकारियों, कर्मचारियों तथा आमजन के बीच उनके प्रति आदर और सम्मान की भावना देखने को मिलती है। उनकी कार्यशैली में अनुशासन, पारदर्शिता और परिणामोन्मुखी दृष्टिकोण का अद्भुत समन्वय दिखाई देता है। यही गुण किसी भी अधिकारी को केवल एक प्रशासक नहीं बल्कि एक प्रभावशाली नेतृत्वकर्ता बनाते हैं।
मुजफ्फरनगर जैसे महत्वपूर्ण जनपद में जहां आबकारी विभाग के सामने अनेक प्रकार की चुनौतियां मौजूद हैं, वहां रवि शंकर का अनुभव निश्चित रूप से महत्वपूर्ण साबित होगा। अवैध शराब के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण, राजस्व वृद्धि, विभागीय व्यवस्थाओं का सुदृढ़ीकरण तथा शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। उनकी प्रारंभिक कार्यप्रणाली ने भी संकेत दे दिए हैं कि वे अपने दायित्वों के प्रति पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने वाले अधिकारी हैं। उन्होंने अपने शुरुआती कदमों से ही यह स्पष्ट कर दिया है कि उनके लिए पद केवल जिम्मेदारी निभाने का माध्यम नहीं, बल्कि व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने का अवसर है।
किसी भी अधिकारी की वास्तविक पहचान उसके निर्णयों, उसके साहस और उसके द्वारा छोड़ी गई सकारात्मक छाप से होती है। रवि शंकर के अब तक के सेवाकाल को देखें तो यह विश्वास सहज ही उत्पन्न होता है कि वे मुजफ्फरनगर में भी अपनी कार्यकुशलता का उत्कृष्ट परिचय देंगे। उनकी प्रशासनिक सूझबूझ, अनुभव और दृढ़ इच्छाशक्ति निश्चित रूप से विभाग को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में सहायक सिद्ध होगी। जनपद की जनता, विभागीय सहयोगी और शासन-प्रशासन सभी को उनसे बड़ी अपेक्षाएं हैं और यह विश्वास भी कि वे उन अपेक्षाओं पर खरा उतरते हुए मुजफ्फरनगर में एक सफल, प्रभावशाली और यादगार कार्यकाल का अध्याय लिखेंगे।
आशा ही नहीं, बल्कि पूर्ण विश्वास है कि रवि शंकर अपने अनुभव, परिश्रम और सकारात्मक सोच के बल पर जनपद में उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करेंगे, विभागीय प्रतिष्ठा को और मजबूत करेंगे तथा अपने कार्यों से यह सिद्ध करेंगे कि सच्चा अधिकारी वही होता है जो चुनौतियों से घबराता नहीं, बल्कि उन्हें सफलता की सीढ़ी बनाकर आगे बढ़ता है। उनकी नई पारी के लिए हार्दिक शुभकामनाएं। मुजफ्फरनगर को उनसे बहुत उम्मीदें हैं और उनके इरादे यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाला समय उपलब्धियों और सकारात्मक परिणामों का साक्षी बनेगा।