जिला अस्पतालो में मुख्यमन्त्री की महत्वकाक्षीं योजनओं एंव सुविधाओं को ठेंगा दिखाकर जबरदस्त वसूली
आम आदमी प्राईवेट चिकित्सकों की मार से बचकर सरकारी अस्पताल में आता
जनपद _अगर सूत्रों की माने तो जिला अस्पतालो में भ्रष्टाचार का जबरदस्त बोलबाला है स्थिति यह है कि बिना पैसे दिये मरीजों का कोई काम नही हो रहा है। आम आदमी प्राईवेट चिकित्सकों की मार से बचकर सरकारी अस्पताल में आता है लेकिन उसे सरकार द्वारा मिलने वाली सुविधाओं को भी सुविधा शुल्क लेकर हासिल करना पड रहा है।जिला अस्पताल का बड़ा अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है शायद इस लिए भी कि भ्रष्टाचार के इस खेल में कही न कही वह भी शामिल हो फिर आस किससे की जायें ?सरकार द्वारा गरीबो के लिए सरकारी अस्पतालों मे बहुत सी सुविधा प्रदान की गयी हैं यदि यह सुविधाएं ईमानदारी के साथ मिल जाए तो मरीजो का कल्याण हो जाएं लेकिन प्राईवेट अस्पतालों की तरह सरकारी अस्पताल लूटखसौट एवं भ्रष्टाचार का अड्डा बन गये है।हालात यह है कि कोई भी आपरेशन बिना पैसे दियें नही किया जा रहा है, यहॉ के डाक्टरों द्वारा कहा जाता है कि प्राईवेट अस्पतालों मे मनमानी वसूली की जाती है हम तो फिर भी नाम मात्र. का पैसा केवल सहायेग के रूप में वसूला जा रहा है पॉच से लेकर सात हजार रूपयें आपरेशन के नाम पर वसूले जा रहें है!वसूली करने में वह चिकित्सक भी शामिल रहें है जो कई गत वर्षाे से यहॉ पर टिके हुए है ओर वह कर्मचारी भी जो डॉक्टर को ऑपरेशन के पैसे दिलवाता हैं! अगर इनकी शिकायत जब कोई मरीज उपर करने की कोशिश करता है तो वरिष्ठ अधिकारी उल्टे मरीज को ही हिदायत एवं नसीहत दे डालते है!अब यह सवाल पैदा होता है कि किस से शिकायत की जायें मरीज भी यह सोच कर चुप हो जाते है कि भ्रष्टाचार तो सभी जगह फैला है तो ऐसे में चुप रहने मेें ही भलाई हैं, अस्पतालों के बड़े अधिकारी सब कुछ अपनी खुली आखों से देख रहें है और ध्रतराष्ट्र की भूमिका मेें बैठे हुए है! आपरेशन के नाम पर तो वसूली हो ही रही है इसके अलावा विभिन्न जॉच एवं महिला अस्पताल में भी जबरदस्त भ्रष्टाचार फैला हुआ है एम्बुलेन्स के नाम पर भी जमकर वसूली चल रही है! कई बार अधिकारियो से इस सब भ्रष्टचार को उनकी जानकारी में ला दिया जाता है लेकिन फिर भी किसी के कान पर जूॅ नही रेगं रही हैं! योगी सरकार द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं सुविधाओं के द्वारा जनता का दिल जीतने की तमाम कोशिश हो रही है लेकिन यहॉ सरकारी अस्पताल मे मरीजों को मायूस किया जा रहा है।उत्तर प्रदेश के मुख्यमन्त्री हर रोज प्रदेश वासीयों को कुछ न कुछ तोहफा दे रहें हैं वही दूसरी ओैर जिला अस्पताल में मुख्यमन्त्री की महत्वकाक्षीं योजनओं एंव सुविधाओं को ठेंगा दिखाकर जबरदस्त वसूली की जा रही हैं!रोज मरीजों एवं डाक्टरों मे वसूली को लेकर कहा सूनी एवं तनातनी भी होती रहती है। किसी भी दिन इस भ्रष्टाचार के चलते बडी घटना हो गई तो अधिकारियों को झेलना मुश्किल हो जायेगा बेहतर हो कि समय रहते इस भ्रष्टाचार पर लगाम लग जायें,सब से बडा सवाल यह है कि सी०एम०ओ० व सी०एम०एस० पूरी तरह फैले भ्रष्टचार की अनदेखी आखिर क्यूं कर रहें हैं, इसका सीधा सा मतलब आप भी समझते है और हम भीं..!!