कप्तान संजय कुमार वर्मा की कम्यूनिटी पुलिसिंग से जनता प्रभावित तो मुठभेड़ शैली से बदमाश भी खौफ के सायें में
कप्तानों की चर्चा होती हैं तो संजय कुमार वर्मा का नाम प्रमुखता के साथ लिया जाता है
मुजफ्फरनगर। जिले में जितने भी कप्तान रहे सभी ने अपनी अपनी कार्यशैली में काम करते हुए अपनी योग्यता को साबित किया कुछ ने कम्युनिटी पुलिसिंग पर काम करते हुए अपराध को खत्म करने का प्रयास करते हुए जनमानस में अच्छी जगह बनाई तो कुछ ने पुलिस अपराधी मुठभेड़ शैली को अपनाते हुए अपराध की कमर को तोड़ कर रख हैं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के कार्यकाल अभी तक के कार्यकाल के दौरान पुलिस मुठभेड़ों में अब तक कम से कम 4 कुख्यात अपराधियों का खात्मा (ढेर) किया गया है।वहीं, “ऑपरेशन लंगड़ा” के तहत दर्जनों इनामी और शातिर बदमाशों के पैर में गोली मारकर उन्हें गिरफ्तार किया गया है।यूं तो कई कप्तान अपनी अलग छवि के लिए इस जनपद में याद किए जाते हैं और याद किए जाते रहेंगे वर्तमान पुलिस कप्तान संजय कुमार वर्मा ने अब तक अपनी कार्यप्रणाली से यह बात साबित कर दी कि उन्होंने जनता का दिल कम्युनिटी पुलिसिंग के सहारे जीतने का काम किया तथा अपराधियों की कमर तोड़ने का काम मुठभेड़ शैली के द्वारा किया आज जनपद में संजय कुमार वर्मा को जनता पसंद करती है तो वहीं अपराधी उनके नाम से कांपते नजर आते हैं। आज हालात यह हो चले हैं की अपराधी जेल को सुरक्षित ठिकाना मानकर जीवन काटने ओर विवश हैं। तो वहीं जनता को इस बात की खुशी है की उनका कप्तान ईमानदारी और निष्पक्षता के साथ बात को सुनता है और न्याय करता है यह न्याय प्रणाली उनको एक बेहतर लाजवाब कप्तान की श्रेणी में लाकर खड़ा कर रही है। आज पूरे उत्तर प्रदेश में यदि कप्तानों की चर्चा होती है तो संजय कुमार वर्मा का नाम प्रमुखता के साथ लिया जाता है वहीं विभाग में भी आदर सम्मान उनके नाम के साथ जुड़ा है मुजफ्फरनगर के लिए उनके योगदान उनके काम तो सदैव याद किया जाएगा तो वहीं जनता की भी ख्वाहिश है की कप्तान का यह साथ लंबे समय तक यूं ही बना रहे ताकि अपराध एवं अपराधियों से निजात मिलेगी। साथ ही पीड़ितों को भी इसी प्रकार कप्तान द्वारा न्याय मिलता रहे, बहुत से ऐसे मौके रहे जहां कप्तान संजय कुमार वर्मा सभी प्रकार के दबाव को दरकिनार करते हुए केवल न्यायिकस्तर पर कार्य किया आज जनपद में उनके काम अंदाज को जबरदस्त सरहाना मिल रही है।