(editor in cheap) इसरार अहमद

अगर अचानकर बंद हो जाए सूरज की रोशनी तो क्या होगा, कितनी देर में खत्म हो जाएगी दुनिय?
ब्रह्मांड में पृथ्वी पर जीवन का सबसे बड़ा आधार हमारा सूर्य है. सुबह उठने से लेकर पेड़-पौधों के भोजन बनाने तक, हर चीज सीधे तौर पर सूरज की रोशनी पर निर्भर करती है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि अगर किसी दिन अचानक सूरज की रोशनी पूरी तरह से बंद हो जाए, तो हमारी पृथ्वी का क्या होगा? क्या दुनिया तुरंत खत्म हो जाएगी, या फिर मानव जाति को संभलने का कुछ समय मिलेगा? विज्ञान के नजरिए से यह केवल एक काल्पनिक सवाल नहीं है, बल्कि फिजिक्स के नियमों के आधार पर इसके सटीक प्रभाव और समय सीमा तय हैं.
सूरज की रोशनी बंद होने के बाद भी पृथ्वी पर तुरंत अंधेरा नहीं छाएगा. विज्ञान के नियमों के मुताबिक, सूर्य से पृथ्वी तक प्रकाश को पहुंचने में लगभग 8 मिनट और 20 सेकंड का समय लगता है. इसका मतलब यह है कि अगर सूरज अभी बंद हो जाए, तो हमें अगले 8 मिनट तक इसका पता भी नहीं चलेगा.
धरती पर लोग सामान्य रूप से धूप का आनंद लेते रहेंगे. लेकिन जैसे ही यह समय बीतेगा, अचानक पूरी पृथ्वी पर गहरा अंधेरा छा जाएगा. आसमान में चमकने वाला चांद भी दिखना बंद हो जाएगा, क्योंकि चांद के पास अपनी कोई रोशनी नहीं होती और वह सूरज के प्रकाश से ही चमकता है.
रोशनी गायब होने के कुछ ही घंटों के भीतर पृथ्वी के तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने लगेगी. पृथ्वी धीरे-धीरे ठंडी होने लगेगी, लेकिन चूंकि वायुमंडल में गर्मी रोकने की क्षमता होती है, इसलिए तुरंत पूरी धरती बर्फ नहीं बनेगी. कुछ ही दिनों के भीतर पृथ्वी का औसत तापमान शून्य से नीचे चला जाएगा.
पेड़-पौधों में प्रकाश संश्लेषण की प्रक्रिया पूरी तरह रुक जाएगी, जिससे वे ऑक्सीजन बनाना बंद कर देंगे. हालांकि, पृथ्वी के वायुमंडल में इतनी ऑक्सीजन मौजूद है कि इंसानों और जानवरों को सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की कमी कई दशकों तक नहीं होगी, लेकिन कड़ाके की ठंड असली दुश्मन बनकर सामने आयेगी,
सूरज के बिना एक साल बीतने पर पृथ्वी का तापमान गिरकर शून्य से नीचे -73 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाएगा. इस बेहद जमा देने वाली ठंड में पृथ्वी का वायुमंडल ही जमकर ठोस हो जाएगा और ओस की तरह नीचे गिरने लगेगा. इंसानों के लिए जमीन पर जीवित रहना पूरी तरह नामुमकिन होगा.
केवल वही इंसान कुछ समय के लिए बच पाएंगे जो गहरे भूमिगत बंकरों या परमाणु ऊर्जा से चलने वाले विशेष शेल्टरों में शरण लेंगे. सूरज की रोशनी बंद होने पर दुनिया तुरंत तो खत्म नहीं होगी, लेकिन एक साल के भीतर पृथ्वी पूरी तरह से एक ठंडे, बंजर और मृत ग्रह में तब्दील हो जाएगी.
